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मिलकर रहना सीखो शिविर-2018

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मिलकर रहना सीखो शिविर-2018 की दैनिक आख्या, शिविरार्थी बच्चों की कलम से-

प्रथम दिवस 19.05.2018

आज दिनांक 19.05.2018 को उत्तराखण्ड राज्य बाल कल्याण परिषद् (बाल भवन) आमवाला तरला, ननूरखेड़, देहरादून में हमारा पहला दिन था। हम सभी शिविरार्थी प्रातः पाँच बजे उठे, हम सब ने अपने नित्यक्रम किये। तभी योगा प्रशिक्षक श्री आनन्द सिहं रावत जी, श्रीमती पुष्पा मानस, महासचिव, श्री बी0 के0 डोभाल पधारे। योग गुरू जी ने हमें योगाभ्यास करायें। इसके पश्चात भस्त्रिका, उज्जयी कपाल-भाति, अनुलोम-विलोम भ्रामरी आदि प्राणायाम तथा भुंजग आसन, मरकट आसन ताडासन, सूर्य नमस्कार आदि आसन सिखाये। हमें यह कार्यक्रम बहुत अच्छा लगा। इसके पश्चात 8.00 बजे नाश्ता किया, इसके बाद हम सभी तैयार होकर उदघाटन कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुती देने की तैयारी करने लगे। 11.00 बजे उदघाटन समारोह शुरू हुआ, डा0 आई0एस0 पाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उत्तराखण्ड राज्य बाल कल्याण परिषद, उदघाटन समारोह के मुख्य अतिथि थे। हमें उत्तराखण्ड राज्य बाल कल्याण परिषद् के पदाधिकारी/आजीवन सदस्यों से मिलाया गया। परिषद् के पदाधिकारी एवं आजीवन सदस्या श्रीमती मधु बेरी (उपाध्यक्षा), श्री के0 पी0 भट्ट (संयुक्त सचिव), श्री सोलोमन प्रकाश (कोषाध्यक्ष), श्री बाल कृष्ण डोभाल श्रीमती कुसुम कुठारी, श्री के0 पी सती, डा0 जे0सी0 मिश्रा, कार्यकारिणी सदस्य आदि उपस्थित रहे। इस शिविर में 13 जनपदों के 108 प्रतिभागी एवं 24 शिक्षक/शिक्षिकायें एस्कार्टस के रूप में सम्मिलित हुए।

उदघाट्न समारोह के मुख्य अतिथि व विशिष्ठ अतिथियों का बालिकाओं द्वारा पुष्प गुच्छ प्रदान किये गये। पौड़ी जनपद द्वारा सरस्वती बन्दना व लोकनृत्य प्रस्तुत किये। उद्घाटन समारोह समाप्त होने के बाद हम ने दोपहर का खाना खाया, 4.30 बजे हम सब वरामदे में एकत्रित हुए और ‘‘सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता’’ में भाग लिया। यह प्रतियोगिता दो भागों (जूनियर व सीनियर वर्ग) में हुई,

6.30 बजे से हम खेल के मैदान में खेलने चले गए। हमने फूटबाल, खो-खो आदि खेल खेले। तत्पश्चात हम लोग अपने-अपने कमरों में ‘‘डायरी लेखन’’ करने चले गये। ‘‘डायरी लेखन’’ किया उसके बाद हमने रात का खाना खाया। फिर सांस्कृतिक कार्यक्रम आदरणीया शिक्षिकाओं द्वारा हमें तैयार कराया गया। इसके पश्चात रात 10.00 बजे हम सो गये।

द्वितीय दिवस (20.05.2018)

परिषद् द्वारा आयोजित पाॅच दिवसीय ‘मिलकर रहना सीखो शिविर’ के दूसरे दिन बच्चांे ने योगाभ्यास से शुरूआत की। योग प्रशिक्षक श्री आनन्द सिंह रावत द्वारा बच्चों को योग का महत्व समझाया गया।

सेवानिवृत्त वरिष्ठ वैज्ञानिक बी0के0 डोभाल द्वारा गणित के प्रति बच्चों के मन में डर को दूर किया गया। उन्होंने गणित के जटिल प्रश्नों को हल करने के आसान तरीके से गणित का फोबिया दूर किया। बच्चों ने खेल ही खेल में कई गणनाएं की।

डोभाल जी ने बताया कि बच्चों में विलक्षण प्रतिभा है, इन्हें राह दिखाने की आवश्यकता है। इस दौरान बच्चों के बीच दो वर्गो में निबंध प्रतियोगिता करवाई गई। सामान्य ज्ञान सीनियर वर्ग में क्रमशः रू0 2500.00, 1500.00 व 1000.00 तथा जूनियर वर्ग मेें क्रमशः रू0 2000.00, 1500.00, 1000.00 और प्रत्येक वर्ग में रू0 500.00 के दो-दो सांत्वना पुरस्कार भी दिए जायेंगे। इसी प्रकार निबन्ध प्रतियोगिता में दोनों वर्गाें के विजेताओें को रू0 5000.00 की धनराशि दी जाएगी। शिविर के दूसरे सत्र में डाॅ0 कुसुम रानी नैथीनी द्वारा बच्चों में लेखन के प्रति रूचि उत्पन्न करने के लिए कुछ टिप्स दिए गए, उन्होंने कहा भाषा पर फोकस करना पहला प्रयास होना चाहिए। भ्रुण हत्या पर अपना प्रस्तुतिकरण देते हुए परिषद् के आजीवन सदस्य श्री के0पी0 काला ने नई पीढ़ी को आगे आने की बात की। उन्होंने कहा कि इस समस्या का हल तभी सम्भव है जब हम स्वयं जागरूक हो।

द्वितीय दिवस के अन्तिम सत्र में खेल प्रशिक्षक श्रीमती उर्मिला राणा ने बच्चों को खेल के प्रति जागरूक किया। राणा ने जीवन में खेल की अनिवार्यता पर भी चर्चा की। इस दौरान उपाध्यक्ष श्रीमती मधु बेरी, महासचिव श्रीमती पुष्पा मानस, डाॅ0 कुसुम रानी नैथानी, सयुंक्त सचिव श्री कमलेश्वर प्रसाद भट्ट, कार्यकारिणी सदस्य श्री बी0के0 डोभाल, श्रीमती कुसुम कुठारी, श्री आनन्द सिंह रावत, श्री के0पी0 काला, श्री के0पी0 सती, श्री डी0सी0 भट्ट, श्री पी0एस0 कठैत आदि उपस्थित रहे।

तृतीय दिवस ( 21.05.2018 )

‘राजभवन पहुंच बच्चों के खिले चेहरे’ माननीय श्री राज्यपाल जी ने दिए एक लाख रूपये

परिषद् द्वारा आयोजित पाॅच दिवसीय ‘मिलकर रहना सीखो शिविर’ के तीसरे दिन बच्चों ने योगाभ्यास से शुरूआत की। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बच्चों को सबसे पहले ऐतिहासिक धरोहर खलिंगा स्मारक ले जाकर संबन्धित जानकारी दी गई, इसके बाद आवासीय विद्यालय 55-राजपुर रोड़ के बच्चों से मिलकर अपने-अपने अनुभव साझा किए। विद्यालय की ओर से शिविरार्थियों को नाश्ता करवाया गया। बच्चों ने प्रेरणा ली कि आगे बढ़ने के लिए आर्थिक रूप से अभाव होना आड़े नहीं आता, इसके लिए दृढ इच्छा शक्ति होनी चाहिए।

अब एफ0आर0आई0 विज्ञान धाम का अवलोकन करते हुए पहुंचे झाझरा स्थित प्रकृति वैली स्कूल, यहाॅ पर चेयरमैन श्री राजीव बेरी व प्रधानाध्यापक श्री अनुज एस0 सिंह द्वारा बच्चों के लंच की व्यवस्था की गई, इससे पहले गढ़वाल पोस्ट के संस्थापक सदस्य एवं मुख्य सम्पादक श्री सतीश शर्मा ने बच्चों से खूब चर्चा की। उन्हांेने अपने जीवन से जुड़ी आदतों को साझा किया, उन्होंने बच्चों से कहा कि मैं भी पहली बार घर से निकलकर टेªन से दिल्ली गया और उसके बाद बर्लिन, मुझे पूछने व जानने की उत्सुकता पहले से ही रहती थी। आज पूरी जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर है, दुनिया की नजर आप पर है , सीमित संसाधनों में भी आप आगे बढ़ सकते हंै। अपनी झिझक दूर करें, निश्चित रूप से आप को राह मिलेगी।

इस दौरान बच्चों के बीच दो वर्गाें में आयोजित श्रीमती मधु बेरी सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग के विजेताओं को नकद पुरस्कार दिये गए, जूनियर वर्ग में क्रमशः अंकित नेगी-चमोली, गौरव रावत- अल्मोड़ा, पूजा भंडारी-टिहरी ने बाजी मारी, इसके साथ ही दो सांत्वना पुरस्कार किरन रावत-अल्मोडा व आयशा-टिहरी को दिये गए।

जूनियर वर्ग में क्रमशः रू0 2000.00, 1500.00 व 1000.00 और रू0 500.00 के दो सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए। इसके बाद प्रकृति वैली स्कूल की ओर से बच्चों को लंच की व्यवस्था की गई।

अब मौका था माननीय श्री राज्यपाल जी से मुलाकात का, बच्चे उत्साहित थे, माननीय श्री राज्यपाल जी को अपने बीच पाकर बच्चे झूम उठे। स्वागत के साथ ही उत्तराखण्ड की संस्कृति की झलक देख माननीय श्री राज्यपाल जी भी बच्चों की तारीफ करने से नहीं रूके, उन्होंने कहा कि बच्चों को इस आयु में माँ और पिता से भी ज्यादा गुरुओं के मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है, बच्चे गुरूरुजनों का सम्मान करंे, तभी सही राह मिल सकती है।

माननीय श्री राज्यपाल जी ने गुरुजनों को ही सच्चा मार्ग दर्शक बताया। उन्होंने गुरुजनों से भी सच्चे मार्गदर्शक की भूमिका निभाने की अपेक्षा की।

बच्चों के कार्यक्रम को देख माननीय श्री राज्यपाल जी ने उत्तराखण्ड राज्य बाल कल्याण परिषद् की प्रशंसा करते हुए एक लाख रुपये की अनुदान राशि प्रदान की।

इस अवसर पर सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग के विजेताओ को चैक व प्रमाण पत्र भी बाॅटे। सीनियर वर्ग में समीर-चमोली, दीपक-चमोली तथा आॅचल- पिथौरागढ़ ने बाजी मारी। इसके साथ ही दीपिका-टिहरी, अनामिका व अंजलि- उत्तरकशी को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।

सीनियर वर्ग में क्रमशः रू0 2500.00, रू0 2000.00 व रू0 1500.00 तथा रू0 500.00-500.00 की दो सांत्वना धनराशि प्रदान की गई।

राजभवन की ओर से बच्चों को नास्ता भी दिया गया।

इस दौरान परिषद् के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डाॅ0 आई0एस0 पाल, उपाध्यक्ष श्रीमती मधु बेरी, महासचिव श्रीमती पुष्पा मानस, सयुंक्त सचिव श्री कमलेश्वर प्रसाद भट्ट, कोषाध्यक्ष श्री शोलोमन प्रकाश, कार्यकारिणी सदस्य श्री बी0के0 डोभाल, श्रीमती कुसुम कुठारी, श्री आनन्द सिंह रावत, श्री के0पी0 सती व डा0 जे0सी0 मिश्रा आदि उपस्थित रहे।

चतुर्थ दिवस (22.05.2018 )

पाॅच दिवसीय ‘मिलकर रहना सीखो शिविर’ के चतुर्थ दिवस बच्चों को हरिद्वार भ्रमण के दौरान रेलवे स्टेशन ले जाया गया।

ज्ञातव्य है कि शिविर का मुख्य उदद्ेश्य प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के अभावग्रस्त व जरूरतमंद बच्चों की पहचान कर उन्हें घर- परिवार से अलग रहकर आवासीय वातावरण दिया जाय, ताकि बच्चे अपनी जिम्मेदारी स्वयं समझ सकें, उनमें आत्मविश्वास की भावना विकसित हो सके।

इस वर्ष अधिकाशं बच्चे दुर्गम क्षेत्र के परिवेश से आये हैं, उनके लिए टेªन वास्तव में अदभुत है।

बच्चों को देख स्टेशन अधीक्षक ने तुरन्त ही परिषद् का आग्रह स्वीकार किया और प्लेटफार्म नंबर 2 पर लगी टेªन मंे चलने को कह दिया। बच्चोें के लिए एस्केलेटर पर चढ़ना भी एक आश्चर्यजनक था, बच्चे दो-दो बार इससे इधर-उधर गए।

अब बारी आई प्लेटफार्म नंबर 2 पर टेªन में चढ़ने की, बच्चों ने ध्यान से कोच का अवलोकन कर एक-दूसरे से अपने-अपने अनुभव साझा किये व खुब फोटोज शेयर किये ।

अब लचं का समय था, उद्योगपति श्री राजीव बेरी जी के सौजन्य से बाबा मोहनदास जी के आश्रम में बच्चों की लंच व्यवस्था थी। बच्चे खुश थे, तो खाने का भी खूब आनन्द लिया, यहाॅ पर गौशाला को देख सभी प्रसन्न हुए, मजे की बात है कि इन्हें गायों के दूध से दही, कढ़ी व खीर का आनन्द बच्चों ने लिया।

बाबा मोहनदास जी का आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद बच्चों को हर की पैड़ी में स्नान करवाया गया।

108 बच्चों को एक साथ स्नान करवाना चुनौतीपूर्ण तो था। किन्तु उददेश्य साफ हो तो अभिलाषा पूर्ण हो गई। स्नान के बाद समय निकलते देख, शांति कुंज हरिद्वार देखते हुए वापस बाल भवन पहुंचे।

चतुर्थ दिवस का अंतिम चरण रात्रि में कैम्प फायर है, जिसमें प्रत्येक जनपदों की सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष श्रीमती मधुबेरी, महासचिव, श्रीमती पुष्पा मानस, सयंुक्त सचिव श्री कमलेश्वर प्रसाद भट्ट, पूर्व महासचिव श्री बाल कृष्ण डोभाल, कार्यकारिणी सदस्य कांता प्रसाद सती, श्रीमती कुसुम कुठारी व उद्योगपति श्री राजीव बेरी तथा एस्कार्टस उपस्थित रहे।

पंचम दिवस (23.05.2018)

शिविर के अनुभवों को अन्य साथियों में बाटें बच्चें:- राकेश ओबेराय।

पाॅच दिवसीय ‘मिलकर रहना सीखो शिविर’ के समापन पर मुख्य अतिथि के रूप में ओबेराय मोटर्स के चैयरपर्सन श्री राकेश ओबेराय ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ इस प्रकार के शिविर बच्चों के लिए बहुत उपयोगी होते है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के संकल्प के अनुसार देश को स्वच्छ बनाने में बच्चों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है, उन्होंने कहा कि बाह्म स्वच्छता के साथ साथ आंतरिक स्वच्छता भी आवश्यक है।

दूसरी ओर ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ अभियान को भी हमें जन जन तक पहुॅचाने की आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथि डाॅ0 एस0 फारुख ने बच्चों को नशे से दूर रहने हिदायत दी, उन्होंने ऊर्दू की शेर-शायरी की, बच्चों को प्रफुल्लित कर दिया। शिविर के सहयोगी स्वयंसेवियों की प्रशंसा करते हुए बधाई भी दी।

इससे पहले महासचिव श्रीमती पुष्पा मानस द्वारा शिविर की आख्या प्रस्तुत की गई। उन्होंने बच्चों के अनुशासन की तारीफ करते हुए कहा कि सभी जनपदों से प्रतिभागी बच्चों के अनुशासन की जितनी अधिक तारीफ की जाय, कम ही है, और यह सब साथ में आये हुए एस्काॅटर््स के योगदान से ही सम्भव है। बच्चों की ओर से शिविर आख्या देहरादून जनपद की दीक्षा भण्डारी ने प्रस्तुत की ।

शिविर के दौरान आयोजित बिभिन्न प्रतियोगिताओं के पुरस्कार भी अतिथियों द्वारा बाटें गए। निबन्ध प्रतियोगिता में रश्मि कापड़ी- पिथौरागढ़, दीपक सती- चमोली, साक्षी भण्डारी- देहरादून क्रमशः प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पर रहे, जिन्हें डाॅ0 अनुरोध मिश्रा नाम से चैंक प्रदान किये गये।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में:-जनपद पौड़ी, चमोली, बागेश्वर व उधमसिंह नगर तथा स्वच्छता अभियान में टिहरी, चम्पावत, उत्तरकाशी, बागेश्वर, रूद्रप्रयाग ने स्थान प्राप्त किया।

इसके अलावा सर्वाधिक नाम बताने वाले बच्चों में अष्ठमी व काजल दोनों पिथौरागढ़, आॅल राउंडर बच्चे सतपाल व रश्मि रहे। कैम्प फायर के अतिथि डाॅ0 एस0एस0 नेगी पूर्व निदेशक आई0आर0ई0डी0 द्वारा बच्चांे के पुरस्कार के लिए धनराशि दी, डाॅ0 फारुख द्वारा हिमालयन प्रोडक्ट्स व रास्ते के लिए नास्ते की व्यवस्था की गई। श्री राकेश ओबेराय द्वारा बच्चों को स्वीट्स व बी0के0 डोभाल द्वारा सभी प्रतिभागियों को सामान्य ज्ञान अरिहन्त की पुस्तक वितरित की गई ।

राजभवन भ्रमण के दौरान माननीय श्री राज्यपाल जी द्वारा बच्चों के लिए उपयोगी पुस्तक मा0 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘मन की बात’ उपलब्ध करवाई गई।

इस प्रकार बच्चे खूब गिफ्ट्स लेकर अपने-अपने घरों को यादें लेकर लौटे। वरिष्ठ उपाध्यक्ष डाॅ0 आई0एस0 पाल द्वारा सभी अतिथियों व शिविरार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सयुंक्तसचिव श्री कमलेश्वर प्रसाद भट्ट द्वारा किया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष डाॅ आई0एस0 पाल, उपाध्यक्ष मधु बेरी, भूपेश जोशी, महासचिव पुष्पा मानस, सयंुक्त सचिव कमलेश्वर प्रसाद भट्ट, कोषाध्यक्ष शोलोमन प्रकाश, पूर्व महासचिव बाल कृष्ण डोभाल, संस्थापक सदस्या आशा श्रीवास्तव, आशारानी़ पैन्यूली, उमा प्रकाश, कार्यकारिणी सदस्य कांता प्रसाद सती, कुसुम कुठारी, आनन्द सिंह रावत, डी0 एन0 देवली, डाॅ जे0सी0 मिश्रा, के0पी0 काला तथा एस्काॅटर््स उपस्थित रहे।

परिषद् दान दाताओं की आभारी है

  1. श्रीमती मधु बेरी, उपाध्यक्ष ने सभी प्रतिभागियों को टी-शर्ट, दो दिन भ्रमण के लिए अपनी दो स्कूल बस व एक दिन अपने विद्यालय में दोपहर का भोजन और सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के जूनियर व सीजियर वर्ग के प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार दिये।
  2. श्रीमती कुसुम कुठारी, कार्यकारिणी सदस्या ने सभी बच्चों को कैप व सांस्कृतिक कार्यक्रम में मिठाई वितरित की।
  3. श्री बाल कृष्ण डोभाल, पू0 महासचिव ने सभी प्रतिभागियों को अरिहन्त सामान्य ज्ञान-2018 पुस्तक वितरित की।
  4. माननीय श्री राज्यपाल जी द्वारा सभी प्रतिभागियों को ‘मन की बात’ पुस्तक वितरित की।
  5. डा0 जे0सी0 मिश्रा द्वारा निबन्ध प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार दिये।

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